बुद्धि काया वह काया है जो आपको सही गलत का बोध कराती है परन्तु सही गलत का निर्णय यह अपने अनुसार लेती है अर्थात अपने स्वार्थ में निर्णय लेती है।
आत्मा के समय यात्रा पथ पर किरदार की सभी कायाओं की तरह बुद्धि काया भी अपने आपको पूर्ण करने की इच्छा रखती है और इच्छा अनुसार कर्म करती है।
बुद्धि काया तर्क लगाती है और स्वार्थ के लिए कार्य करती है। बुद्धि काया तर्क से किये कर्मो हो ही सही और शेष मानती है और माया का ये भ्रम बुद्धि काया से विनाशक कर्म कराकर समय यात्रा के पथ से भटकाकर समय के अन्य तारो के पथ पर ले जाती है जहाँ बुद्धि काया स्वयं को पूर्ण करने की इच्छा में अन्य कायाओं को हानि पंहुचा देती है। जब बुद्धि काया मोह-माया के जाल भी फस जाती है तब सुर-असुर बुद्धि पर आक्रमण करके बुद्धि काया द्वारा किये कर्मो का आनंद लेते है। माया का भ्रम बुद्धि काया को सर्व-शक्तिशाली और पूर्ण होने की इच्छा में ऐसे फसा लेती है कि बुद्धि काया द्वारा किये कर्म किरदार को सही लगते है क्योकि बुद्धि काया जो भी कर्म करती है वह तार्किक होते है।
किरदार की किसी भी काया का अन्य कायाओं से शक्तिशाली होना किरदार के लिए हानिकारक होता है जिससे वह मोह-माया के जाल से नहीं निकल पाता और इच्छानुसार दृश्यों का अनुभव नहीं कर पाता।