विवेक काया वह काया है जो किरदार को अन्य कायाओं की तरह पूर्ण करने की इच्छा रखती है परन्तु किरदार को कैसे पूर्ण करना है इसबारे में विवेक काया को कुछ पता नहीं होता क्योकि तर्क करना बुद्धि काया का कर्म है और विवेक काया तर्क नहीं लगा सकती। विवेक काया भावनाओ से जुडी होती है और अन्य किरदारों से रिश्ता जोड़ती है और रिश्तो का त्याग करती है परन्तु ये सब बिना किसी स्वार्थ के होता है। अगर विवेक काया किसी किरदार से रिश्ता जोड़ती है तो वह रिश्ता बिना किसी स्वार्थ के होता है।
विवेक काया को किरदार ठीक ढंग से समझने में असफल हो जाता है क्योकि किरदार विवेक काया को और बुद्धि काया को एक समान समझने लगता है परन्तु ऐसा नहीं होता है जैसे किसी अन्य किरदार से ज़रूरत के लिए रिश्ता जोड़ता बुद्धि काया का कर्म होता है परन्तु अगर वह रिश्ता बिना स्वार्थ के साथ भावना से जुड़ा है तो वह विवेक काया का कर्म होता है।