आत्मा को समय के मार्ग का ज्ञान नहीं होता है इसलिए आत्मा अपनी सभी कायाओं के ज्ञान के बिना ही समय के पथ पर आगे बढ़ जाती है जो आत्मा को माया के अन्य किसी जाल में फंसा देती है। परन्तु ब्रह्माण्ड के देवताओ को समय के सभी तारों का पूर्ण ज्ञान होता है इसलिए आत्मा को देवताओ से सिर्फ सही मार्गदर्शन की ही प्रार्थना करनी चाहिए।