परम शक्ति परमात्मा का ही दूसरा नाम है। परम शक्ति को मानव प्राणी ने अनेको नाम दिये है जैसे ईश्वर, अल्लाह, खुदा, गॉड इत्यादि। आज तक परम शक्ति के दर्शन किसी प्राणी ने नहीं किये और जिसने परम शक्ति के दर्शन किये वो परम शक्ति का ठीक ढंग से वर्णन नहीं कर सका। किसी भी प्राणी का परमात्मा के दर्शन करना इतना सरल नहीं है। जो प्राणी देवो की दृष्टि में परमात्मा के अनुसार कर्म करता है वह जीवन का आनंद लेता है। परम शक्ति ने ही हर एक प्राणी के जीवन के लिए अनंत ब्रमांड की रचना की है और ब्रमांड में मौजूद ग्रहो पर जीवन प्रदान दिया है। परम शक्ति ने समय के साथ ब्रह्माण्ड की व्यवस्था को बनाये रखने के लिए देवो की उत्त्पति की। ब्रह्माण्ड का हर एक प्राणी अनंत समय में यात्रा कर रहा है यात्रा पूर्ण होने पर प्राणी की आत्मा परम शक्ति के दर्शन करती है और अगर कोई प्राणी अपनी आत्मा को जाग्रत करके देवो की शरण में जीवन व्यतीत करता है वह परम शक्ति के दर्शन पा कर अपनी यात्रा को सुखद रूप से पूर्ण करता है और परम शक्ति की शरण में जाता है। प्राणी की यात्रा परमात्मा से शुरू होकर परमात्मा पर ही ख़त्म होती है।