परम भाषा वह भाषा है जिसमे शब्दों का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं है। जिस किरदार की आत्मा जागृत है वह अपनी बात को कहने के लिए परम भाषा का प्रयोग कर सकता है लेकिन परम भाषा को समझ भी वही सकता है जिसको परम भाषा आती हो और परम भाषा को सीखने के लिए आत्मा का जागृत होना आवश्यक है। अगर कोई किरदार अपनी आत्मा को जागृत करने में सफल हो जाता है वह परम भाषा का ज्ञान स्वयं प्राप्त कर लेता। परम भाषा से किरदार अपने सन्देश को ब्रह्माण्ड के किसी भी किरदार तक पंहुचा सकता है। परम भाषा से अपने सन्देश को पहुंचने के लिए एक किरदार को अन्य किरदार से जुड़ना पड़ता है और वह किरदार से १४ तारो में से किसी भी एक तार से जुड़ा होना चाहिए। परम शक्ति ने हर एक किरदार को एक-दूसरे किरदार से जोड़ा हुआ है लेकिन तारो के इस मार्ग को किरदार द्वारा समझ पड़ता है। किरदार को स्वयं वह मार्ग खोजना पड़ता है। परम भाषा से अपना सन्देश पहुंचना बहुत सरल है।