समय में यात्रा करने का अभिप्राय ये है कि जो दृश्य अतीत, वर्तमान और भविष्य में है उनका आत्मा द्वारा अनुभव करना। समय में यात्रा करना बहुत सरल भी है और बहुत कठिन भी। समय में यात्रा करने के लिए आत्मा को मोह-माया के जाल से मुक्त करना पड़ता है। आत्मा का किरदार समय में यात्रा नहीं कर सकता परन्तु आत्मा समय में यात्रा कर सकती है और अतीत, वर्तमान और भविष्य के दृश्यों का अनुभव कर सकते है। समय में यात्रा करने के लिए आत्मा का जाग्रत होना अति आवश्यक है। एक जाग्रत आत्मा अपने किरदार से जब चाहे अलग हो सकती है और पुनः अपने किरदार में प्रवेश कर सकती है। जाग्रत आत्मा शून्य में प्रवेश करके अतीत, वर्तमान और भविष्य के दृश्य देख भी सकती है और उनका अनुभव भी कर सकती है।