चित्त काया

चित्त काया भी अन्य कायाओं की तरह किरदार को पूर्ण करने की इच्छा रखती है परन्तु चित्त काया अन्य सभी कायाओं के विरुद्ध कर्म करती है। चित्त काया अन्य कायाओं द्वारा प्रकट इच्छा का विरोध करती है। चित्त काया अन्य सभी कायाओं की इच्छा को किरदार को अपूर्ण बनाने का कर्म मानती है और अन्य सभी कायाओं की इच्छा का विरोध करती है। चित्त काया की इच्छा अगर अन्य किसी भी काया की इच्छा से सर्व-शक्तिशाली हो जाती है तो चित्त काया अपनी इच्छा पूर्ण करने में सफल हो जाती है।

किरदार की किसी भी इच्छा के समर्थन में एक से ज्यादा कायाए भी होती है परन्तु इच्छा पूर्ण वही होती है जो सबसे ज्यादा शक्तिशाली होती है।